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भागलपुर
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नवादा में रिश्वतखोरी पर निगरानी का शिकंजा, 35 हजार लेते राजस्व कर्मचारी गुलशन कुमार रंगे हाथ गिरफ्तार
बिहार के नवादा जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने मंगलवार को रोह अंचल कार्यालय में तैनात राजस्व कर्मचारी गुलशन कुमार को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व कर्मचारी गुलशन कुमार ने एक आवेदक से जमीन से जुड़े काम के बदले 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने पूरे मामले का सत्यापन कराया और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की।
यह मामला रोह थाना क्षेत्र के सीतापुर बंसी चक मोड़ के पास का है, जहां निगरानी ब्यूरो की टीम ने आरोपी को रिश्वत की राशि लेते समय दबोच लिया। गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई के पीछे वादी मंटू कुमार की शिकायत अहम रही। मंटू कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनके प्लॉट के परिमाजन और जमाबंदी से जुड़े कागजी काम के लिए उनसे लगातार रिश्वत की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि उनका आवेदन पहले दो बार बिना ठोस कारण के अस्वीकृत कर दिया गया था।
मंटू कुमार का कहना है कि जब उन्होंने राजस्व कर्मचारी गुलशन कुमार से संपर्क किया, तो उनसे साफ तौर पर रिश्वत मांगी गई और ऑफलाइन आवेदन देने को कहा गया। बाद में ऑफलाइन आवेदन करने के बावजूद काम करने के एवज में 35 हजार रुपये की मांग की गई।
निगरानी ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार के निर्देश पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई गई। सत्यापन अधिकारी मनोज कुमार ने जांच के दौरान शिकायत को सही पाया। इसके बाद तय योजना के तहत मंगलवार को रिश्वत की राशि लेते समय गुलशन कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय समेत पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं आम लोगों में भी इससे न्याय की उम्मीद जगी है।
Fitness
विक्रमशिला सेतु पर इंसानियत की जीत: दरोगा की सतर्कता से माँ-बच्चे की जान बची
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर मंगलवार को एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जिसने कुछ पलों के लिए सबकी सांसें थाम दीं। एक महिला अपने मासूम बच्चे को गोद में लिए गंगा में कूदने का प्रयास कर रही थी। सौभाग्य से, समय रहते पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदना ने दो अनमोल ज़िंदगियों को बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दरोगा सिकंदर कुमार अपने घर की ओर जाते समय विक्रमशिला सेतु से गुजर रहे थे। तभी उनकी नज़र एक महिला पर पड़ी, जो असामान्य रूप से परेशान और मानसिक तनाव में दिख रही थी। उसकी गोद में एक छोटा बच्चा भी था। हालात को भांपने में दरोगा को एक पल भी नहीं लगा। कुछ ही क्षणों बाद महिला ने बच्चे सहित नदी में कूदने का प्रयास किया।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दरोगा सिकंदर कुमार ने बिना किसी देरी के दौड़ लगाई और कूदने के क्रम में ही महिला व उसके बच्चे को पकड़ लिया। उनकी तत्परता के कारण दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती, तो परिणाम भयावह हो सकता था।
घटना के बाद महिला और उसके बच्चे को बरारी टीओपी ले जाया गया, जहां आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई। दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
जान बचाने के बाद दरोगा सिकंदर कुमार ने महिला को शांतिपूर्वक समझाया और जीवन के प्रति भरोसा जगाया। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन ऐसे कदम किसी समस्या का समाधान नहीं होते। उन्होंने महिला को हिम्मत दी और भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने की सलाह दी।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर इंसानियत की मिसाल भी पेश करती है। दरोगा सिकंदर कुमार की सतर्कता, साहस और संवेदनशीलता से आज एक माँ और उसका मासूम सुरक्षित हैं।
स्थानीय लोगों ने भी इस सराहनीय और मानवीय कार्य के लिए दरोगा की खुलकर प्रशंसा की है।





