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भागलपुर
Sports
सहरसा जिले में रास्ता विवाद पर चार परिवार भूख हड़ताल पर, तीसरे दिन बिगड़ी तबीयत; प्रशासन अब भी मौन
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 03 भेलवा से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां रास्ता विवाद को लेकर चार परिवारों के लोग पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 25 वर्षों से इस इलाके में अपने मकान बनाकर रह रहे हैं। इतने वर्षों से जिस रास्ते का उपयोग वे अपने मुख्य आवागमन के लिए करते आ रहे थे, उसे कुछ लोगों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है। आरोप है कि अब केवल तीन फीट का संकरा रास्ता छोड़ा गया है, जिससे आने-जाने में भारी कठिनाई हो रही है।
भूख हड़ताल पर बैठे लोगों में सहदेव राम, बनारसी राम, मोहन राम, दामोदर राम, कैलाश राम, अशोक Ram, कपिलदेव राम, भवेश राम, परवेश राम, पिंटू राम और परमानंद राम सहित करीब 11 परिवारों के सदस्य शामिल हैं। सभी लोग अपने घर के पास टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
पीड़ित सहदेव राम ने बताया कि इस रास्ता विवाद को लेकर उन्होंने अंचलाधिकारी, सदर थाना, जिलाधिकारी और यहां तक कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक को लिखित आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लगातार अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान होकर उन्होंने 29 अप्रैल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
भूख हड़ताल के तीसरे दिन भाकपा माले नेता कुंदन कुमार आंदोलनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों की स्थिति को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल आंदोलनकारी परिवार प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करेगा, या फिर इन परिवारों की परेशानी और बढ़ेगी।
Fitness
धनबाद सदर अस्पताल में शुरू होगी आधुनिक दंत चिकित्सा, मुफ्त इलाज से मरीजों को बड़ी राहत
धनबाद के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब यहां आधुनिक तकनीक से दांतों का इलाज शुरू किया जा रहा है, जिससे जिले के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को महंगे निजी इलाज से छुटकारा मिलेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दंत चिकित्सा के लिए अत्याधुनिक मशीनें सदर अस्पताल पहुंच चुकी हैं और जल्द ही इनका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इन आधुनिक उपकरणों की मदद से दांतों की जांच और इलाज पहले की तुलना में अधिक सटीक, तेज और प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
अब तक दांतों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों या क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता था, जहां इलाज काफी महंगा होता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में सदर अस्पताल में यह सुविधा शुरू होना आम लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि निजी अस्पतालों में दंत चिकित्सा का खर्च काफी अधिक होता है, जिसके कारण कई लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते। उन्होंने कहा कि अब सदर अस्पताल में सभी जरूरी सुविधाओं के साथ मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि हर वर्ग के मरीज इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक मशीनों के आने से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों का समय भी बचेगा। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि लोगों को सरकारी अस्पताल में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे जिले के हजारों मरीजों को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह नई व्यवस्था कितनी जल्दी पूरी तरह लागू होती है और मरीजों को इसका लाभ कब से मिलना शुरू होता है।





