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भागलपुर
Sports
सहरसा के बनगांव में टायर ब्लास्ट से बोलेरो दुर्घटनाग्रस्त, सात लोग घायल, दो की हालत गंभीर
सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र में शनिवार अहले सुबह एक तेज रफ्तार बोलेरो टायर ब्लास्ट होने के बाद अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस सड़क हादसे में बोलेरो पर सवार सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सहरसा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां दो लोगों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
घायलों की पहचान 35 वर्षीय बगेट मुखिया, 60 वर्षीय महेंद्र मुखिया, 15 वर्षीय मांगीलाल कुमार, 22 वर्षीय धीरज Kumar, 14 वर्षीय संगम कुमार, 50 वर्षीय सोहन मुखिया और 12 वर्षीय सुजीत कुमार के रूप में हुई है। सभी बनगांव थाना क्षेत्र के मुरली बसंतपुर पंचायत अंतर्गत भुसवर डीह गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
घायल महेंद्र मुखिया ने बताया कि गांव के दिलीप मुखिया के पुत्र सागर मुखिया की शादी महिषी थाना क्षेत्र के झाड़ा गांव में शुक्रवार रात थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव से सात लोग बोलेरो पर सवार होकर वहां गए थे। शादी संपन्न होने के बाद शनिवार की सुबह करीब 4:30 बजे सभी लोग बोलेरो से वापस अपने गांव लौट रहे थे।
इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण अचानक बोलेरो का टायर ब्लास्ट हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर घूमने लगा। हादसे के दौरान बोलेरो का गेट खुल गया और उसमें सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में सोहन मुखिया का हाथ और पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया, जबकि सुमित कुमार का पैर भी टूट गया है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को पहले बरियाही स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
बाद में परिजनों ने सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए सहरसा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। बनगांव थाना अध्यक्ष हरिश्चंद्र ठाकुर ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिली है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Fitness
सदर अस्पताल पहुंचे विधायक आईपी गुप्ता, व्यवस्था पर उठाए सवाल; मरीजों को प्राइवेट अस्पताल भेजने के खेल का लगाया आरोप
सहरसा के विधायक सह इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता शुक्रवार की रात सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों से मुलाकात की और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने कई खामियों पर नाराजगी जताई और मरीजों को दलालों के माध्यम से निजी अस्पतालों में भेजे जाने के मामले में सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए।
विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि रात में गुजरने के दौरान उन्होंने सदर अस्पताल की स्थिति देखने का फैसला किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि एक घायल मरीज, जिसका पैर टूटा हुआ था, उसे प्राइवेट अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल और निजी अस्पतालों के बीच मिलीभगत का खेल चल रहा है और दलाल सक्रिय होकर गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ सहरसा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के बड़े अस्पतालों जैसे आईजीएमएस और पीएमसीएच में भी दलालों का नेटवर्क सक्रिय है। गांवों से आने वाले मरीजों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें सरकारी अस्पतालों से प्राइवेट अस्पतालों की ओर मोड़ा जा रहा है।
विधायक ने कहा कि सदर अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से केंद्रीकृत हो चुकी है, जिसके कारण सिविल सर्जन के पास प्रभावी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोगी कल्याण समिति तक के फैसले स्वास्थ्य विभाग स्तर से लिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर सुधार संभव नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने अस्पताल में कई दिनों से खराब पड़े सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सिविल सर्जन लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। विधायक ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि बिहार में नई सरकार बनी है और वे उम्मीद करते हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव लाकर आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी





