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दरभंगा ज्वेलर्स लूटकांड के आरोपियों पर STF की बड़ी कार्रवाई, बेगूसराय मुठभेड़ में एक घायल, चार गिरफ्तार
बिहार में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच शनिवार को स्पेशल टास्क फोर्स यानी Bihar STF ने बड़ी सफलता हासिल की है। दरभंगा के चर्चित प्रेम ज्वेलर्स लूटकांड से जुड़े अपराधियों के खिलाफ बेगूसराय में की गई कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरअसल, Darbhanga के बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में शुक्रवार को दिनदहाड़े करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और गहनों की लूट हुई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी थी। लूट के बाद सभी आरोपी फरार होकर Begusarai के विभिन्न इलाकों में छिप गए थे।
इसी बीच STF को गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद पटना से विशेष टीम मौके पर पहुंची और मंसूरचक थाना क्षेत्र के नारायण चौक इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया। शनिवार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। यह मुठभेड़ कई घंटों तक जारी रही। बताया जा रहा है कि बदमाश कभी घरों में तो कभी खेतों में छिपकर फायरिंग कर रहे थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी को गोली लगी, जबकि चार संदिग्धों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के एसपी मनीष भी मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी दशरथपुर और आसपास के क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं। उन्हें पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे लूटकांड के खुलासे की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
Fitness
पटना एम्स की बड़ी कामयाबी: 35 मिमी मछली का कांटा निकालकर बचाई मरीज की जिंदगी, लिमका बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड
पटना: एम्स पटना ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान की विशेषज्ञ न्यूरोसर्जरी टीम ने 42 वर्षीय मरीज की सर्वाइकल स्पाइन में गहराई तक फंसे 35 मिमी लंबे मछली के कांटे को सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचा ली। इस दुर्लभ और जटिल सर्जरी को 2026 में भी जगह मिली है, जिससे यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है।
यह हाई-रिस्क सर्जरी 9 मार्च 2025 को की गई थी। मरीज की गर्दन की रीढ़ के बेहद संवेदनशील हिस्से में कांटा इस तरह फंसा हुआ था कि थोड़ी सी भी चूक उसे हमेशा के लिए लकवाग्रस्त बना सकती थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण मामले में डॉक्टरों की टीम ने बेहद सावधानी और सटीक रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. सरज कुमार सिंह ने किया, जबकि डॉ. क्रांति भावना ने भी अहम भूमिका निभाई। सर्जरी सुबह 9 बजे शुरू हुई और 4 घंटे 5 मिनट तक चली। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रीढ़ की नाजुक नसों को सुरक्षित रखना था। फिश बोन इतनी गहराई में धंसी थी कि उसे निकालने के लिए मिलीमीटर स्तर की सटीकता जरूरी थी।
डॉ. सरज कुमार सिंह ने बताया कि सर्वाइकल स्पाइन के पास सर्जरी करना किसी भी सर्जन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि यहां हर कदम मरीज की गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने तकनीकी सफलता के साथ-साथ मरीज और उसके परिजनों के भरोसे को बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया।
वहीं, डॉ. क्रांति भावना ने इसे केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि मरीज की सामान्य जिंदगी बचाने की निर्णायक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि थोड़ी भी गलती मरीज को जिंदगी भर के लिए पैरालाइज कर सकती थी, लेकिन टीमवर्क और अत्याधुनिक तकनीक की मदद से बिना किसी न्यूरोलॉजिकल नुकसान के कांटे को निकाल लिया गया।
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस उपलब्धि को बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता दिखाती है कि राज्य में भी अब जटिल और दुर्लभ बीमारियों का इलाज विश्वस्तरीय मानकों पर संभव है।





