Politics
Natinol
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग, भारत ने ईरान से जताया कड़ा विरोध
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग, भारत ने ईरान से जताया कड़ा विरोध
नेपाल का कड़ा फैसला: ₹100 से ऊपर हर भारतीय सामान पर ड्यूटी, सीमा व्यापार पर बड़ा असर
नेपाल का कड़ा फैसला: ₹100 से ऊपर हर भारतीय सामान पर ड्यूटी, सीमा व्यापार पर बड़ा असर
नीतीश कुमार को मिली Z+ सुरक्षा, दिल्ली में नया सरकारी आवास अलॉट
नीतीश कुमार को मिली Z+ सुरक्षा, दिल्ली में नया सरकारी आवास अलॉट
जैकलीन फर्नांडिस बनेंगी सरकारी गवाह? सुकेश मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा मोड़
जैकलीन फर्नांडिस बनेंगी सरकारी गवाह? सुकेश मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा मोड़
CM आवास पर जनता दरबार—मुख्यमंत्री सम्राट ने खुद सुनी जनता की फरियाद, सख्त सुरक्षा के बीच मिल रही एंट्री
CM आवास पर जनता दरबार—मुख्यमंत्री सम्राट ने खुद सुनी जनता की फरियाद, सख्त सुरक्षा के बीच मिल रही एंट्री
भागलपुर
Sports
नेपाल के नए कस्टम नियम से सीमा पर बढ़ा तनाव, कारोबार पर संकट
पटना: भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराना ‘रोटी-बेटी’ का रिश्ता हमेशा से दोनों देशों की सांस्कृतिक और आर्थिक नजदीकियों का प्रतीक रहा है। लेकिन 15 अप्रैल 2026 से नेपाल सरकार द्वारा लागू किए गए नए कस्टम नियम ने इस रिश्ते में तनाव पैदा कर दिया है। नए प्रावधान के तहत भारत से नेपाल ले जाए जाने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर 5% से 80% तक कस्टम ड्यूटी अनिवार्य कर दी गई है।
इस फैसले का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में साफ दिखने लगा है। सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित इंदरवा बॉर्डर पर नेपाली सुरक्षाकर्मियों द्वारा भारतीय वाहनों को रोककर जब्त किए जाने की घटना से अचानक तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया, जिसके विरोध में भारतीय पक्ष के लोगों ने भी नेपाली वाहनों की आवाजाही रोक दी। हालात बिगड़ने पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
व्यापारियों के अनुसार, इस नियम से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पहले जहां रोजाना हजारों रुपये का सामान नेपाल जाता था, अब हर वस्तु पर टैक्स लगने से लागत बढ़ गई है। उदाहरण के तौर पर, 1000 रुपये के सामान पर कस्टम ड्यूटी और वैट मिलाकर कीमत करीब 1300 रुपये तक पहुंच रही है, जिससे ग्राहक खरीदारी से पीछे हट रहे हैं।
मोतिहारी, रक्सौल और अररिया के जोगबनी जैसे सीमावर्ती बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। व्यापारियों का कहना है कि नेपाल का यह कदम 1950 की भारत-नेपाल संधि की भावना के खिलाफ है, जिसमें खुला व्यापार और आवागमन सुनिश्चित किया गया था। उनका आरोप है कि यह एकतरफा फैसला है, जिससे छोटे व्यापारियों और मजदूरों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
नेपाल सरकार का तर्क है कि यह कदम स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और राजस्व बढ़ाने के लिए उठाया गया है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगर समाधान नहीं निकला, तो यह मुद्दा भारत-नेपाल संबंधों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Fitness
बिहार में शराबबंदी पर मुख्यमंत्री सम्राट का बड़ा ऐलान, फैसला रहेगा बरकरार
बिहार में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून को किसी भी स्थिति में खत्म नहीं किया जाएगा। यह फैसला पूरी तरह बरकरार रहेगा और इस पर पुनर्विचार का कोई सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति बिहार के सामाजिक और आर्थिक हित को ध्यान में रखकर लागू की गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि इस निर्णय की सराहना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। साथ ही, इस कानून की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुई थी, जिसे जनता का व्यापक समर्थन मिला था।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि शराबबंदी से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, खासकर महिलाओं और परिवारों को इससे राहत मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस कानून को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठाएगी, ताकि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जनता का भरोसा और मजबूत हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि बिहार में शराबबंदी नीति आगे भी जारी रहेगी और सरकार इसे और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।





