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भागलपुर
Sports
वीडियोग्राफर से 4.25 लाख की चोरी, कर्मचारी ही निकला आरोपी — कैमरा व उपकरण लेकर फरार
CCTV में कैद हुई वारदात, पहले भी चोरी के मामले में शामिल रहा आरोपी
एंकर-बिहार के सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वीडियोग्राफर को उसके ही अस्थायी कर्मचारी ने लाखों रुपये का चूना लगा दिया। आरोपी महंगे कैमरे और अन्य उपकरण लेकर फरार हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, तिरंगा चौक (वार्ड-19) निवासी पंकज कुमार सिंह उर्फ ‘पप्पू’ धर्मशाला रोड स्थित सिटी कार्ड के पास “पप्पू वीडियो” नाम से दुकान चलाते हैं। वे शादी-विवाह सहित विभिन्न कार्यक्रमों में वीडियोग्राफी का कार्य करते हैं। काम अधिक होने पर वे बाहर से कर्मचारियों को बुलाते हैं। इसी क्रम में उन्होंने धनबाद निवासी मनोज कुमार को काम पर रखा था।
पीड़ित के मुताबिक, बीते 24 मार्च को आरोपी ने चुपके से उनके कमरे की चाबी चुरा ली और मौका पाकर ताला खोलकर अंदर रखे महंगे उपकरण बैग में भरकर फरार हो गया। शक से बचने के लिए उसने बाहर से दोबारा ताला भी लगा दिया।
चोरी गए सामान में Nikon Z6II कैमरा, दो लेंस, एक गिंबल, चार बैटरी, दो चार्जर और 128GB मेमोरी कार्ड शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 4.25 लाख रुपये बताई गई है।
घटना का खुलासा 13 अप्रैल को तब हुआ जब पंकज कुमार अपने कमरे पर पहुंचे और कैमरा गायब पाया। इसके बाद जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो आरोपी साफ तौर पर सामान ले जाते हुए दिखा।
पीड़ित ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी चोरी की घटना में शामिल रह चुका है और उस पर पहले से मामला दर्ज है। बावजूद इसके सख्त कार्रवाई नहीं होने से उसके हौसले बढ़ गए।
इस संबंध में पंकज कुमार सिंह ने सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे सदर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपी की गिरफ्तारी व चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
वहीं, सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Fitness
अमरपुर में स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीन पर बवाल, पंचायत भवन निर्माण के विरोध में सर्वदलीय धरना
भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत अमरपुर गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एकजुट होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आरोप है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए दान की गई जमीन पर बिना एनओसी पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
धरना की अध्यक्षता राजीव सनगही ने की, जबकि संचालन रौशन सनगही द्वारा किया गया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1960 में गांव के लोगों ने स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए बिहार के राज्यपाल के नाम एक एकड़ 82 डिसमील जमीन दान दी थी। अब उसी जमीन का उपयोग किसी अन्य निर्माण के लिए किया जाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीणों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उन्हें विकास कार्यों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अस्पताल की जमीन पर किसी अन्य भवन का निर्माण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन दावा करता है कि जमीन अतिक्रमित नहीं है, तो फिर निर्माण से संबंधित पत्र क्यों जारी किया गया।
धरना के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रखंड से जिला और राज्य स्तर तक चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीन का सीमांकन कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी उठाई गई।
बताया गया कि यह उपकेंद्र आसपास की तीन से चार पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। ऐसे में यहां किसी अन्य निर्माण से क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
धरना को संबोधित करते हुए भाजपा नेता विपुल चौधरी उर्फ दल्लू चौधरी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि “अस्पताल यहां से नहीं जाएगा, अगर ऐसा हुआ तो मैं आत्मदाह कर लूंगा।” उनके इस बयान के बाद माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।
फिलहाल, अमरपुर की जनता की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि इस विवाद का समाधान कितनी जल्दी निकलता है।





