बिहार में सीट बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख पशुपति कुमार पारस आज केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही पारस ने एनडीए से अपना नाता तोड़ दिया है। हालांकि, उन्होंने इसका आधिकारिक एलान नहीं किया है। अपना इस्तीफा देते हुए पारस ने कहा कि – मेरे और मेरी पार्टी के साथ नाइंसाफी हुई मुझे एक भी सीट नहीं दी गई है। इसके साथ ही शाम को चार बजे पारस दिल्ली से पटना के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के मुताबिक पशुपति पारस और उनके पार्टी के नेता राजद के संपर्क में हैं। हालांकि, यहां भी बात बनने की संभवना बेहद कम है।

दरअसल, एनडीए सीट बंटवारे को लेकर हुए समझौते में राजग में शामिल केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के दावे को नजरअंदाज किया गया है और उसे एक भी सीट नहीं दी गई है। उसके बाद राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख पशुपति कुमार पारस आज एनडीए से बाहर होने का एलान कर दिया है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया हैं। पशुपति पारस दिल्ली पत्रकारों से बात करते हुए यह घोषणा की है।

मालूम हो कि, बिहार एनडीए में सीटों के बंटवारे का ऐलान हो चुका है इसके तहत , बीजेपी एक बार फिर बड़े भाई की भूमिका में आ गई है। बीजेपी बिहार में 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं जेडीयू के खाते में 16 सीटें आई हैं। इसके अलावा चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5, जीतनराम मांझी की पार्टी HAM को 1 तथा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल को एक सीट मिली है। लेकिन इसमें पशुपति पारस की RLJP को एक भी सीट नहीं दी गई जिसके बाद अब उन्होंने अपना नाता तोड़ लिया है और सेंट्रल मिनिस्टर पद से इस्तीफा दे दिया है

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