राज्य में बीते 01 अक्टूबर को बिहार में सिपाही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। प्रश्न पत्र लीक होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद अब सिपाही भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में पटना पुलिस ने एक सिपाही को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सिपाही का नाम कमलेश है, जो गया का रहने वाला है और नालंदा में पोस्टेड था। कंकड़बाग थाने की पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की और वहीं से उसे गिरफ्तारी किया है।

वहीं, गिरफ्तार सिपाही को कोर्ट में पेश किया गया और वहां से ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि सिपाही कमलेश की ड्यूटी पटना के कंकड़बाग स्थित रामकृष्ण द्वारिका कॉलेज में नहीं लगी थी। इसके बावजूद वो अपने भाई मोनू को आंसर की लेकर पहुंचा था। इसी कॉलेज में कमलेश का एक भाई परीक्षा दे रहा था। अपने बहनोई को पास कराने के लिए इसने आंसर की भेजी थी। यह नालंदा क्यूआरटी में तैनात था। मूल रुप से यह गया का रहने वाला था और साल 2021 में इसकी सिपाही में भर्ती हुई थी।

इसके साथ ही मुख्य आरोपी के भाई के खाते से लाखों की लेनदेन हुई थी। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, इस बात का पुलिस पता लगा रही है कि उसके पास आंसर की कहां से आई और उसने अभ्यर्थियों से कितने रुपए लिए थे। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पता लगा रही है।

उधर, सिपाही भर्ती प्रश्न पत्र लीक मामले में एसआईटी ने लखीसराय से मास्टरमाइंड चंदन को गिरफ्तार किया है। चंदन की गिरफ्तारी सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के जगड़पुरा से हुई है। लखीसराय एसपी पंकज कुमार ने बताया कि चंदन की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन और उसके पास से बरामद महत्वपूर्ण दस्तावेज से यह साफ हो गया है कि इसका प्रश्न पत्र लीक मामले में बड़ा हाथ था। एसपी ने बताया कि चंदन के बैंक एकाउंट को फ्रिज कर दिया गया है‌। जिसमें 16 लाख रूपए मिले है। एसपी ने बताया कि प्रश्न पत्र लीक मामले का मास्टरमाइंड दिल्ली में रहकर इस बड़े खेल को अंजाम देता था। इस मामले में 13 लोगों को परीक्षा के दिन ही पकड़ा गया था जिसे बाद में जेल भेज दिया गया।

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