राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि बात-बात पर विरोधी दलों के नेताओं पर भाजपा की तरफ से हल्के-फुल्के आरोप पर चुनाव आयोग अतिरिक्त सक्रियता दिखाता है। परंतु वही चुनाव आयोग राजस्थान की चुनावी सभा में प्रधानमंत्री के समाज को विभाजित करने और नफरत फैलाने वाले भाषण पर मौन क्यों है।

राजद नेता ने कहा कि आयोग का मौन उसकी तटस्थता पर गंभीर संदेह पैदा करता है। प्रधानमंत्री का यह भाषण जन प्रतिनिधित्व कानून और आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। ऐसा चुनाव आयोग जिसकी तटस्थता पर संदेह हो उसके निर्देशन में होने वाले चुनाव की निष्पक्षता पर लोग कैसे यकीन करेंगे। इसलिए तटस्थता और निष्पक्षता को जाहिर करने के लिए आयोग तत्काल आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई करे

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