बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के चीफ जीतन राम मांझी अयोध्या पहुंचे हैं। यहां उन्होंने रामलला के दर्शन करते हुए खुद को सबसे बड़ा राम भक्त बताया है। उन्होंने कहा कि उनका नाम जीतन राम है। इसके साथ ही एक बार फिर उन्होंने यहां अगड़ी जातियों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि- जिस तरह से हम नाम के पीछे राम लगाते हैं उसी तरह वो लोग भी अपने नाम के[पीछे राम लिखें।

उन्होंने कहा कि- , हम तो उस समाज यो ताना देते हैं जो समाज कहता है कि हम रामभक्त हैं। अरे भाई आप कैसे रामभक्त हैं ? अब मुझे देख लीजिए हमारा नाम है जीतनराम। अब हमारे नाम के साथ राम जुड़ा है। लेकिन, वो लोग जो अपने नाम के पीछे शर्मा, सिंह,जोड़ते हैं। वह भी राम लिखें तब हम मानें कि वह राम के सच्चे भक्त हैं। वरना कह देने भर से क्या होता है?

वहीं, मांझी ने आगे कहा कि,’रामलला हमारे अभी के नहीं हैं, हमारे परंपरागत आस्था का विषय हैं। हमारा जो संबंध है, उसमें माता शबरी को हम परंपरागत मां मानते हैं। जब रामचंद्र जी ने उनको दर्शन दिया और उन्होंने रामचंद्र जी को सहारा दिया तो रामचंद्र जी से हमारा संबंध कैसे टूटेगा। इसलिए हम लोग परंपरागत श्रीरामचंद्र जी के भक्त रहे हैं।

उधर, खुद के एनडीए में आने के सवाल पर मांझी ने कहा कि- उन्होंने कहा,’जब एनडीए में आए तो एनडीए में सिर्फ और सिर्फ मोदीजी की प्रतिष्ठा और प्यार हमारे प्रति है। इसलिए हम आए थे. कंडीशनल उनके साथ समर्थन में रहे. हमने कहा कि जो मर्जी होगी, हम उसी को संतुष्टि से ले लेंगे और उन्होंने ऐसा किया। हमारे बच्चे को एमएलसी बनाया और उसको मंत्री बनाया। पहले एक विभाग था. आज तीन विभाग है। हमको भी ले गए अंतरराष्ट्रीय जगह प। इस तरह से नरेंद्र मोदीजी ने हमें बहुत सम्मान दिया।

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