बिहार के अंदर शिक्षा विभाग में केके पाठक के जाने के बाद भी काम में कोई असर न दिखें इसको लेकर तमाम तरह के निर्देश जारी कर रहे हैं। ऐसे में अब अब प्रधानाध्यापकों के लिए भी नया निर्देश आ गया है। स्कूल खुलने के बाद उन्हें शिक्षक के साथ मिलकर खुद भी एक काम करना होगा। इसके बाद शिक्षा विभाग को भी इस विषय में रिपोर्ट देनी होगी।

दरअसल, आठ जून को छुट्टी समाप्त होने के बाद सभी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन कक्षाएं लेनी होगी और इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को देनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्राय: देखा जा रहा है कि प्रधानाध्यापक स्कूल के कागजी काम में ही फंसे रह जाते हैं, वे अध्यापन नहीं कर पाते। अब प्रधानाध्यापक अपने कार्यों का बंटवारा शिक्षकों के बीच करेंगे। इसके साथ ही स्कूलों का निरीक्षण कर्मी भी कक्षाओं में जाकर पठन-पाठन का स्तर देखेंगे। निरीक्षण कर्मी बच्चों से संबंधित विषय पर प्रश्न भी कर सकते हैं।

इससे उन्हें समय मिल सकेगा और कक्षाएं ले पाएंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानाध्यापक जब कक्षाएं लेंगे तो अन्य शिक्षकों में भी पढ़ाने के प्रति उत्साह जगेगा। स्कूल में प्रधानाध्यापक की अलग छवि रहती है। प्रधानाध्यापकों को प्रत्येक कक्षा के निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया गया है। ताकि शिक्षकों की अध्यापन शैली एवं बच्चों की विषयवार समझ की परख कर सकें। उन्हें यह भी देखना होगा कि बच्चों को दिए गए एफएलएन किट का प्रयोग पढ़ाने में हो रहा या नहीं।

उधर, स्कूलों का निरीक्षण कर्मी भी कक्षाओं में जाकर पठन-पाठन का स्तर देखेंगे। निरीक्षण कर्मी बच्चों से संबंधित विषय पर प्रश्न भी कर सकते हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण कर्मियों को भी पाठ्य पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। ताकि वे बच्चों की विषयवार योग्यता परख सकें।

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