चौधरी ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन में शामिल राजद, कांग्रेस सहित अन्य घटक दलों की वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति उजागर हो गई है।

राजद और कांग्रेस की मंशा संविधान दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के लिए निर्धारित आरक्षण को कम कर उसे मुसलमानों को देने का है।

बुधवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ये वही लालू प्रसाद हैं जिन्होंने 2001 में बिना आरक्षण दिए पंचायत चुनाव कराकर ओबीसी की हकमारी की।

यूपीए-एक की सरकार बनते ही 2004 में आंध्रप्रदेश में एससी, एसटी,ओबीसी की हकमारी कर तुष्टीकरण के लिए मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया था। मगर सुप्रीम कोर्ट की सजगता की वजह से सफलता नहीं मिली थी।

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