कथित शराब घोटाले के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को पटना सहित राज्य के सभी जिलों में आप नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

पूर्णिया में आप कार्यकर्ताओं-नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र शुरू से ही ईडी व सीबीआई का दुरुपयोग करते हुए विपक्षी एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। सासाराम के पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास आप के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। छपरा, हाजीपुर, आरा और जहानाबाद में भी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। भभुआ के पार्टी कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें रोष व्याप्त किया गया । मधुबनी में जिला प्रभारी गणपति चौधरी की अध्यक्षता में यह प्रदर्शन किया गया। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक राज्य कमेटी की बैठक शुक्रवार को प्रेम कुमार झा की अध्यक्षता में हुई। वहीं, पटना में आयकर गोलंबर के पास आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे आप कार्यकर्ताओं के एक जत्थे को पुलिस ने आयकर गोलंबर पर रोक दिया और आगे जाने की इजाजत नहीं दी। आयकर गोलंबर पर आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बबलू प्रकाश ने कहा कि भाजपा प्रत्यक्ष रूप से एक ओर जहां एनडीए गठबंधन के सहारे लोकसभा चुनाव लड़ रही है। वहीं दूसरी ओर अप्रत्यक्ष रूप से विपक्षियों से लड़ने के लिये ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश सिन्हा, पटना पश्चिम के प्रभारी सुनील यादव, पूर्वी के प्रभारी विद्याभूषण शर्मा, धनेश्वर राम, महेंद्र पाल सिंह आदि थे।

केजरीवाल की गिरफ्तारी निंदनीय दीपंकर

भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने दिल्ली सीएम की गिरफ्तारी की निंदा की है। साथ ही मांग की कि केजरीवाल, हेमंत सोरेन, मनीष सिसौदिया समेत विपक्षी नेताओं को तत्काल रिहा किया जाय। आरोप लगाए कि चुनाव आयोग भले ही चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित करने का दावा कर रहा हो, लेकिन मोदी सरकार ने विपक्ष के खिलाफ चौतरफा युद्ध छेड़ दिया है। दिल्ली सीएम की गिरफ्तारी व कांग्रेस के बैंक खाते को जब्त करना इस युद्ध के बड़े पैमाने पर बढ़ने के स्पष्ट संकेत हैं।

संवैधानिक संस्थाओं हो रहा दुरुपयोग डी राजा

भाकपा राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का मनमाना दुरुपयोग कर रही है। जनशक्ति कार्यालय में शुक्रवार को प्रेसवार्ता में डी राजा ने कहा लोकतंत्र और संविधान पर गंभीर खतरे की घंटी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी, तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा वहां के मुख्यमंत्री की सिफारिश पर मंत्रीपद की शपथ दिलाने से इनकार पर न्यायालय की फटकार, इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले को लेकर मोदी और भाजपा की चुप्पी इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

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