बिहार सरकार ने सोमवार को जातीय गणना के आंकड़े जारी कर दिए। आंकड़ों के जारी होने के साथ ही जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी की मांग की जा रही है। राज्य में मुस्लिमों की संख्या 17 प्रतिशत से ज्यादा है। ऐसे में बिहार में उठने लगी मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग उठने लगी है। इसको लेकर एक्स पर एक नई मांग उठ रही है। एक्स पर यूजर्स “मुस्लिम मुख्यमंत्री” हैशटैग चला रहे हैं।

बिहार सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों में जाति और उसकी आबादी की जानकारी दी गई है। जातीय गणना के मुताबिक बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ से अधिक है। जिसमें सबसे अधिक 63% ओबीसी वर्ग की आबादी है। SC की 19% है जबकि बिहार में मुस्लिमों की आबादी 17 फीसदी से अधिक है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय के लोग बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर “मुस्लिम मुख्यमंत्री” हैशटैग चलाया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, जिसकी जितनी आबादी, उसको उतना ही हिस्सेदारी की बात तो सही है। बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री कब बना रहे तुम लोग, बताओ। एक और यूजर ने लिखा, मुसलमान की यादव से ज्यादा जनसंख्या होने के वजह से बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री होना चाहिए। एक अन्य ने लिखा, बिहार में अब “मुस्लिम” मुख्यमंत्री होना चाहिए। जिसकी जितनी हैसियत, उसके हिसाब से उसका कद होना चाहिए। मैं खुले तौर पर “मुस्लिम” मुख्यमंत्री का समर्थन करता हूं। राज्य में उनकी आबादी सबसे ज्यादा 17.7% है।

आगे एक यूजर ने लिखा, बिहार में यादव जनसंख्या 14.27% है, मुस्लिम जनसंख्या 17.7% है। राजद के MY फार्मूले के हिसाब से ये दोनों मिलकर 31.97 फीसदी है। सोशल मीडिया पर अब मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग उठने लगी है, क्‍या ऐसा होगा? वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, बिल्कुल 2.65% की आबादी वाले कुर्मी समाज से मुख्यमंत्री होना 98% वालों के साथ अन्याय है। सबसे बडी आबादी मुस्लिम की है तो मुस्लिम मुख्यमंत्री होना चाहिए।

बता दें कि बिहार सरकार की तरफ से जारी जातीय गणना के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 81.99 प्रतिशत हिन्दू हैं जबकि 17.70% मुस्लिम, 0.05% ईसाई, 0.01% सिख और 0.08 बौद्ध हैं। जातियों में सबसे ज्यादा यादव 14.26 प्रतिशत लोग हैं। उसके बाद कुशवाहा 4.21%, ब्राह्मण 3.65%, राजपूत 3.45%, मुसहर 3.8%, कुर्मी 2.87%, भूमिहार 2.86%, मल्लाह 2.60%, बनिया 2.31% हैं।

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